भारतीय जनता पार्टी चण्डीगढ़ के युवा मोर्चा द्वारा सैक्टर 3 के वार मैमोरियल में कारगिल युद्ध में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देने हेतु कार्यक्रम का आयोज किया गया। जिसमें पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन विशेष रूप से उपस्थित हुए

भारतीय जनता पार्टी चण्डीगढ़ के युवा मोर्चा द्वारा सैक्टर 3 के वार मैमोरियल में कारगिल युद्ध में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देने हेतु कार्यक्रम का आयोज किया गया। जिसमें पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन विशेष रूप से उपस्थित हुए

प्रैस विज्ञप्ति

चण्डीगढ़ 26 जुलाई, 2019 – चण्डीगढ़ 26 जुलाई, 2019 – भारतीय जनता पार्टी चण्डीगढ़ के युवा मोर्चा द्वारा सैक्टर 3 के वार मैमोरियल में कारगिल युद्ध में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देने हेतु कार्यक्रम का आयोज किया गया। जिसमें पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन विशेष रूप से उपस्थित हुए और उन्होंने भी देश की आन, बान और शान के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले हमारे वीर जवानों को पुष्ट सुमन अर्पित करके श्रद्धाजंलि दी। इस मौके पर लेफ्टीनेट जनरल प्रेमनाथ हून, प्रदेश उपाध्यक्ष रामवीर भट्टी, अमित राणा, गौरव गोयल, अनूप गुप्ता, जगतार सिंह जग्गा, शीना बंसल, पुष्पा राठौर, सुबीना बंसल, अनिता चौधरी, जसविन्द्र कौर, राकेश खेर, इन्द्रजीत सिंह, रिषभ आदि उपस्थित थे।

 

इस अवसर पर कारगिल विजय दिवस के महत्व को बताते हुए प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन ने कहा कि कारगिल युद्ध में भारत की जीत को आज 20 वर्ष पूरे हो गये हैं। इस युद्ध में शहीद हुये जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए प्रत्येक वर्ष देशभर में कारगिल विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। यहां पर उपस्थित ज्यादातर लोगों ने करगिल युद्ध का वक्त देखा है। कुछ ने अपने टेलीविजन पर तो कुछ ने अखबारों की जरिये युद्ध की जानकारी प्राप्त की। उस वक्त पूरा देश इस युद्ध में देश के जवानों के साथ था। अपने-अपने घरों में बैठा प्रत्येक व्यक्ति उनकी लम्बी उम्र की कामना कर रहा था। उन जवानों का त्याग कभी भुलाया नहीं जा सकता। भारत के शूरवीरों ने कारगिल युद्ध में दुश्मन को पाँव पीछे खींचने के लिए मजबूर कर दिया था।

 

26 जुलाई, 1999 के दिन भारतीय सेना ने कारगिल युद्ध के दौरान चलाए गए ऑपरेशन विजय को सफलतापूर्वक अंजाम देकर भारत भूमि को घुसपैठियों के चुंगल से मुक्त कराया था। शहिदों की याद में 26 जुलाई हर वर्ष कारिगल विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन उन शहीदों को याद कर अपने श्रद्धा सुमन अर्पण करने का है, जो हंसते-हंसते मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हो गये। यह दिन समर्पित है उन्हें, जिन्होंने अपना आज हमारे कल के लिए बलिदान कर दिया। उन्होंने कहा कि उन शहीदों ने आखरी सांस भले युद्ध के मैदान में ली, लेकिन वे आज भी हमारे दिलों में जिंदा हैं और हमेशा रहेंगे। जब-जब हमारे देश को किसी अन्य देश ने बुरी नजर डाली तब-तब हमारे वीर जवानों ने उन्हें मुह तोड़ जवाब दिया है। युद्ध में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सपूतों को हम शत-शत नमन करते हैं।

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